शनि का न्याय-चक्र: खुलेंगे रहस्य, गिरेगी सत्ता और बदलेगी भारतीय राजनीति?Saturn’s Cycle of Justice: Revelations, Political Upheaval and a Challenging 2027 for India
जब शनि पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर कर रहे थे, तब मैंने अपने ब्लॉग और वीडियो में कहा था कि संसार में जहाँ कहीं भी गलत कार्य, छल या सत्ता का दुरुपयोग हुआ है, वह अब केवल छिपा हुआ अपराध नहीं रहेगा। राहु उसे विवाद, संदेह और खुलासे के रूप में सामने लाएगा और अपनी रिपोर्ट न्याय के देवता शनि के समक्ष रखेगा। पूर्वाभाद्रपद के अधिष्ठाता देव अजा एकपाद हैं और इसके नक्षत्र स्वामी बृहस्पति हैं। इसके बाद जब शनि उत्तराभाद्रपद में पहुँचे और राहु ने उन्हें पार किया, तब छिपे हुए मामलों के सामने आने की प्रक्रिया और तेज हुई। पूर्वाभाद्रपद और उत्तराभाद्रपद दोनों ही गहरे आध्यात्मिक परिवर्तन, कर्मों के परिणाम और सत्य के उद्घाटन से जुड़े नक्षत्र माने जाते हैं। रेवती में शनि और बड़े खुलासे जब शनि रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर गए, तब धार्मिक संस्थाओं, सार्वजनिक धन और राम मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर गंभीर आरोप और विवाद समाचारों में सामने आए। इन विषयों पर अंतिम सत्य निष्पक्ष जाँच और विधिक प्रक्रिया से ही निर्धारित होगा, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय छिपे हुए आर्थिक व्यवहारों के सार्वजनिक पर...